*जस जस सुरसा बदनु बढ़ावा।* *तासु दुगुन कपि रूप देखावा।रामदूत मैं मातु जानकी।*
*सत्य सपथ करुनानिधान की।*
*यह मुद्रिका मातु मैं आनी।*
*दीन्हि राम तुम्ह कहं सहिदानी।* *जाके डर अति काल* *डेराई।सो सुर असुर* *चराचर खाई।रहा न नगर बसन* *घृत तेला।बाढ़ी पूंछ कीन्ह* *कपि खेला।। उलटि...
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